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B. B. Lal

Language
Hindi
Theme and Category
Spirituality & Religion
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Paperback
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-:लेखक परिचय:- बी.बी.लाल (आई. टी. एस.) 2004 में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग में महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए। देश भर में विभिन्न स्थानों पर पोस्टिंग के साथ-साथ उन्होंने तंजानिया, मेडागास्कर और मोजाम्बिक में भी दूर संचार परियोजनाओं को पूरा किया। उन्होंने काबुल में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया। वे गीत संगीत के बेहद शौकीन हैं तथा टेनिस खेलने में भी बहुत रूचि रखते हैं। उन्होंने कई छोटी फिल्में भी बनाई हैं। वह पहले दो पुस्तकें प्रकाशित कर चुके हैं। पहली पुस्तक "दादा आओ..यहाँ बहुत गुलगुला है"; अपने और अपने परिवार के विषय पर है। दूसरी पुस्तक "ब्रेकिंग बैरियर्स, द पॉवर ऑफ़ जेस्चर्स"; चालीस भाषाओं में, अनेक देशों और भारत के विभिन्न प्रांतों के अभिवादन और जेस्चर्स के विषय पर है। अपने जीवन के अनुभवों और घटनाओं पर आधारित लघुकथाओं को समेटती उनकी तीसरी पुस्तक "फतेहपुर के परिंदे" तैयारी के अंतिम चरण में है। कायस्थ समाज के रीति-रिवाज और मान्यताएं उनका ध्यान हमेशा आकर्षित करती रही हैं। "कायस्थ समाज में विवाह संस्कार", विवाह के दौरान रीति-रिवाजों और परंपराओं की निरंतरता पर उनकी लंबे समय के अनुभव व विचारों का परिणाम है।

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-:लेखक परिचय:- बी.बी.लाल (आई. टी. एस.) 2004 में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग में महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए। देश भर में विभिन्न स्थानों पर पोस्टिंग के साथ-साथ उन्होंने तंजानिया, मेडागास्कर और मोजाम्बिक में भी दूर संचार परियोजनाओं को पूरा किया। उन्होंने काबुल में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया। वे गीत संगीत के बेहद शौकीन हैं तथा टेनिस खेलने में भी बहुत रूचि रखते हैं। उन्होंने कई छोटी फिल्में भी बनाई हैं। वह पहले दो पुस्तकें प्रकाशित कर चुके हैं। पहली पुस्तक "दादा आओ..यहाँ बहुत गुलगुला है"; अपने और अपने परिवार के विषय पर है। दूसरी पुस्तक "ब्रेकिंग बैरियर्स, द पॉवर ऑफ़ जेस्चर्स"; चालीस भाषाओं में, अनेक देशों और भारत के विभिन्न प्रांतों के अभिवादन और जेस्चर्स के विषय पर है। अपने जीवन के अनुभवों और घटनाओं पर आधारित लघुकथाओं को समेटती उनकी तीसरी पुस्तक "फतेहपुर के परिंदे" तैयारी के अंतिम चरण में है। कायस्थ समाज के रीति-रिवाज और मान्यताएं उनका ध्यान हमेशा आकर्षित करती रही हैं। "कायस्थ समाज में विवाह संस्कार", विवाह के दौरान रीति-रिवाजों और परंपराओं की निरंतरता पर उनकी लंबे समय के अनुभव व विचारों का परिणाम है।

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