Social/Political Commentary Sanatan Par Vaar
Argues that caste as we know it was a foreign imposition designed to destroy Sanatana Dharma, not a product of ancient Hinduism.
₹230


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लेखक भारत सरकार में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत है। लेखक को भारत सरकार के विविध मंत्रालयों एवं संस्थानों जैसे रक्षा मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत विविध शोध संस्थानों जैसे सी एस आई आर केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, सी एस आई आर केंद्रीय औषधीय सुगंध पौध संस्थान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान इत्यादि में कार्य करने का विस्तृत अनुभव है। लेखक को अर्थशास्त्र में एम ए तथा एमबीए (फाइनेंस) की उपाधि प्राप्त है लेखक को भारतीय इतिहास एवं सामाजिक संरचना का व्यापक ज्ञान है साथ ही देश के सामाजिक आर्थिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक समस्याओं की बेहतर समझ है। लेखक का इससे पहले अंग्रेजी भाषा में चर्चित उपन्यास "संग्विन डाउन" और हिंदी में "किराए का आंचल" प्रकाशित हो चुके हैं। लेखक को पढ़ने एवं लिखने में गहरी रूचि है तथा इस पुस्तक के माध्यम से वे देश में व्याप्त जातिवाद से संबंधित विभिन्न सामाजिक समस्याओं को समाधान सहित विश्व पटल पर लाना चाहते हैं।
लेखक भारत सरकार में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत है। लेखक को भारत सरकार के विविध मंत्रालयों एवं संस्थानों जैसे रक्षा मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत विविध शोध संस्थानों जैसे सी एस आई आर केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, सी एस आई आर केंद्रीय औषधीय सुगंध पौध संस्थान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान इत्यादि में कार्य करने का विस्तृत अनुभव है। लेखक को अर्थशास्त्र में एम ए तथा एमबीए (फाइनेंस) की उपाधि प्राप्त है लेखक को भारतीय इतिहास एवं सामाजिक संरचना का व्यापक ज्ञान है साथ ही देश के सामाजिक आर्थिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक समस्याओं की बेहतर समझ है। लेखक का इससे पहले अंग्रेजी भाषा में चर्चित उपन्यास "संग्विन डाउन" और हिंदी में "किराए का आंचल" प्रकाशित हो चुके हैं। लेखक को पढ़ने एवं लिखने में गहरी रूचि है तथा इस पुस्तक के माध्यम से वे देश में व्याप्त जातिवाद से संबंधित विभिन्न सामाजिक समस्याओं को समाधान सहित विश्व पटल पर लाना चाहते हैं।
Social/Political Commentary Argues that caste as we know it was a foreign imposition designed to destroy Sanatana Dharma, not a product of ancient Hinduism.
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Author note will be added soon.